तथ्य-जांच नीति (Fact-Checking Policy)

अच्छी पत्रकारिता की नींव अच्छी फैक्ट-चेकिंग पर टिकी होती है। Buzz Capitol Hindi पर पब्लिश होने वाली हर स्टोरी एक तय प्रोसेस से गुजरती है, ताकि पाठकों तक जो भी जानकारी पहुंचे वो भरोसेमंद और सही हो।

खबर छापने से पहले हम इन बातों की जांच करते हैं:


प्राइमरी सोर्स से पुष्टि

जहां तक हो सके, हर दावे को उसके मूल स्रोत तक जाकर चेक किया जाता है — जैसे सरकारी दस्तावेज, आधिकारिक बयान, अदालती रिकॉर्ड, या किसी नामित व्यक्ति का सीधा बयान।


एक से ज्यादा सोर्स से कन्फर्मेशन

खासकर ब्रेकिंग न्यूज़, किसी पर लगे आरोप या जनहित से जुड़े मामलों में, हम कम से कम दो अलग-अलग और विश्वसनीय सोर्स से पुष्टि होने के बाद ही खबर पब्लिश करते हैं।


नामित सोर्स को प्राथमिकता

हम कोशिश करते हैं कि जो भी बोल रहा है, वो अपने नाम के साथ सामने आए। गुमनाम सोर्स का इस्तेमाल तभी होता है जब कोई और रास्ता न हो और मामला वाकई जनहित का हो ऐसे में हम आर्टिकल में यह भी बताते हैं कि सोर्स को गुमनाम क्यों रखा गया।


अफवाहों को तथ्य की तरह नहीं छापते

सोशल मीडिया पर घूम रही किसी अपुष्ट खबर को हम सच मानकर पेश नहीं करते। अगर कोई अफवाह इतनी बड़ी हो जाए कि उस पर बात करना जरूरी हो जाए, तो हम साफ लिखते हैं कि यह अभी सिर्फ एक दावा है, पुष्टि नहीं हुई है।


हम किन स्रोतों पर भरोसा करते हैं

हमारी रिपोर्टिंग इन तरह के स्रोतों पर आधारित होती है:

सरकारी और आधिकारिक स्रोत — संसदीय रिकॉर्ड, सरकारी बयान, अदालती दस्तावेज और सरकारी एजेंसियों के आधिकारिक स्टेटमेंट।

बड़ी न्यूज़ एजेंसियां और प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान — जैसे PTI, ANI, Associated Press (AP), Reuters, BBC और The Guardian जैसे नामी अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय संस्थान।

अपनी खुद की रिपोर्टिंग — हमारी टीम द्वारा किए गए ऑन-रिकॉर्ड इंटरव्यू और सीधी बातचीत, जिसमें बोलने वाले का नाम स्पष्ट होता है।


राजनीतिक खबरों पर खास सतर्कता

राजनीति से जुड़ी खबरों में गलत जानकारी फैलने का खतरा ज्यादा होता है, इसलिए हम इन्हें और भी सख्ती से जांचते हैं। किसी नेता के बयान या दावे को छापने से पहले उसे आधिकारिक रिकॉर्ड, वोटिंग हिस्ट्री और पुराने सार्वजनिक बयानों से मिलाकर देखा जाता है। बिना ठोस सबूत के किसी राजनीतिक दावे को हम आगे नहीं बढ़ाते।


जब दो पक्षों की बातें अलग-अलग हों

कई बार किसी मामले पर परस्पर विरोधी जानकारी सामने आती है। ऐसे में हम:

  • मामले का पूरा और निष्पक्ष विवरण पेश करते हैं
  • हर दावे का स्रोत और आधार स्पष्ट बताते हैं
  • बिना पर्याप्त सबूत के किसी एक पक्ष को “आखिरी सच” मानकर नहीं चलते
  • जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आती है, स्टोरी को अपडेट करते हैं

फैक्ट-चेकिंग से जुड़ी शिकायत कैसे करें

अगर आपको लगता है कि हमारे किसी आर्टिकल में तथ्यात्मक गलती है, तो हमें जरूर बताएं।

ईमेल: samikhanofficial966@gmail.com विषय (Subject): “Fact-Check Concern – [आर्टिकल का नाम]”

कृपया मैसेज में यह जरूर बताएं कौन सा दावा गलत लगा, आर्टिकल का लिंक (URL) क्या है, और अगर आपके पास सही जानकारी का कोई सोर्स है तो वो भी साथ भेजें। हमारी एडिटोरियल टीम हर शिकायत की समीक्षा करती है।

करेक्शन कैसे किए जाते हैं, इसकी पूरी जानकारी के लिए हमारी Corrections Policy देखें।