केंद्र सरकार की मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगवाने की रफ्तार अब रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.
NEED TO KNOW
- देशभर में 18.93 लाख से अधिक परिवारों को पीएम सूर्य घर योजना के तहत सौर ऊर्जा अपनाने के बाद किसी न किसी बिलिंग अवधि में जीरो बिजली बिल का लाभ मिल चुका है.
- 22 जुलाई 2026 तक देश में 39.72 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम इंस्टॉल हो चुके हैं, जिनसे 48.02 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं.
- शुरुआत में जहां 1 लाख परिवारों तक योजना पहुंचाने में 118 दिन लगते थे, वहीं अब यही लक्ष्य महज 6 दिन में पूरा हो रहा है.
देश में सौर ऊर्जा को घर-घर तक पहुंचाने की केंद्र सरकार की मुहिम अब रफ्तार पकड़ चुकी है. पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अब तक 18.93 लाख से ज्यादा परिवार ऐसे हैं, जिन्हें अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने के बाद कम से कम एक बिलिंग साइकल में शून्य बिजली बिल का फायदा मिल चुका है. हर महीने बढ़ते बिजली बिल से जूझ रहे आम भारतीय परिवारों के लिए यह योजना अब राहत का बड़ा जरिया बनती जा रही है.
सौर ऊर्जा अपनाने की रफ्तार में बड़ा उछाल
योजना की शुरुआत में सिस्टम को स्थिर होने में वक्त लगा था. पोर्टल का ढांचा, वेंडर नेटवर्क और डिस्कॉम्स के बीच तालमेल बिठाने की प्रक्रिया शुरुआती दौर में धीमी रही, जिसके चलते पहले 1 लाख परिवारों को जोड़ने में करीब 118 दिन का समय लगा था. लेकिन जैसे-जैसे व्यवस्था मजबूत हुई, आवेदन से लेकर इंस्टॉलेशन तक की पूरी प्रक्रिया आसान होती चली गई. नतीजा यह हुआ कि अब हर 1 लाख परिवारों को योजना से जोड़ने में सिर्फ 6 दिन का समय लग रहा है, जो सौर ऊर्जा अपनाने की दिशा में देश की तेज होती रफ्तार को दिखाता है.
22 जुलाई 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में 39.72 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं. इनसे कुल मिलाकर 48.02 लाख से अधिक परिवार लाभान्वित हुए हैं, जो योजना की व्यापक पहुंच को स्पष्ट करता है.
वित्त वर्ष 2025-26 में सोलर इंस्टॉलेशन का बड़ा आंकड़ा
अकेले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान 18.71 लाख रूफटॉप सोलर सिस्टम इंस्टॉल किए गए, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 6.7 गीगावाट रही. इस दौरान ग्रामीण इलाकों समेत 22.71 लाख से ज्यादा परिवारों को सीधा फायदा मिला. यह आंकड़ा बताता है कि सिर्फ शहरी नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में भी सौर ऊर्जा की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है, जहां बिजली की पहुंच और लागत दोनों ही पहले से बड़ी चुनौती रही हैं.
किसे मिलेगा योजना का लाभ?
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने के लिए ज्यादा शर्तें नहीं हैं. देश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के वे सभी आवासीय उपभोक्ता इस योजना के दायरे में आते हैं, जिनके घर में पहले से ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन मौजूद है. ऐसे परिवार योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. आवेदन प्रक्रिया में उपभोक्ता को अपने बिजली कनेक्शन की जानकारी, राज्य और डिस्कॉम का चयन करना होता है, जिसके बाद रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया शुरू होती है.
सरकार की मंशा साफ है कि सौर ऊर्जा को सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित न रखकर हर राज्य के गांव-कस्बों तक पहुंचाया जाए, ताकि आम परिवारों पर बिजली बिल का बोझ कम हो और साथ ही देश स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों की तरफ भी आगे बढ़े.
संसद में सरकार ने रखा पूरा ब्योरा
हाल ही में राज्यसभा में इस योजना को लेकर सरकार ने विस्तृत जानकारी सदन के सामने रखी. सरकार की तरफ से बताया गया कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगवाने वाले 18.93 लाख से अधिक लाभार्थियों को, जिनमें बड़ी संख्या ग्रामीण परिवारों की भी शामिल है, अपनी बिजली खपत के अनुसार किसी न किसी बिलिंग अवधि में जीरो बिजली बिल मिला है. यह आंकड़ा योजना की सफलता को संसद के मंच से आधिकारिक तौर पर प्रमाणित करता है.
बैकग्राउंड: कैसे शुरू हुई थी योजना
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को केंद्र सरकार ने आम परिवारों के बिजली खर्च को कम करने और घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के मकसद से शुरू किया था. योजना की शुरुआत के दौरान इंफ्रास्ट्रक्चर, वेंडर नेटवर्क और तकनीकी मंजूरी की प्रक्रियाओं को व्यवस्थित करने में समय लगा, जिसकी वजह से शुरुआती महीनों में प्रगति धीमी नजर आई. लेकिन जैसे ही डिस्कॉम्स, राज्य नोडल एजेंसियों और सोलर वेंडर्स के बीच तालमेल मजबूत हुआ, आवेदन से सब्सिडी वितरण तक की पूरी प्रक्रिया तेज हो गई. यही वजह है कि बीते कुछ महीनों में योजना से जुड़ने वाले परिवारों की संख्या में तेजी से इजाफा देखने को मिला है.
एक अतिरिक्त पहलू जो इस योजना को खास बनाता है, वह है इसका दोहरा फायदा एक तरफ परिवारों की मासिक बचत बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ रूफटॉप सोलर के जरिए बिजली उत्पादन से देश का कार्बन उत्सर्जन भी घट रहा है. लंबे समय में यह मॉडल भारत के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभा सकता है, क्योंकि यह न सिर्फ सरकारी सब्सिडी पर निर्भर बड़े पावर प्लांट्स पर बोझ कम करता है, बल्कि आम नागरिक को भी ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया में सीधे भागीदार बनाता है.
आगे क्या?
सरकार की योजना है कि आने वाले महीनों में सौर ऊर्जा से जुड़े रूफटॉप सिस्टम की स्थापना की रफ्तार को और तेज किया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा परिवार जीरो बिजली बिल की सुविधा का लाभ उठा सकें. फिलहाल जिन परिवारों ने ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन ले रखा है, वे राष्ट्रीय पोर्टल पर आवेदन कर इस योजना का हिस्सा बन सकते हैं और अपने मासिक बिजली खर्च में बड़ी राहत पा सकते हैं.
पीएम सूर्य घर योजना क्या है?
यह केंद्र सरकार की एक योजना है जिसके तहत घरों की छत पर सौर ऊर्जा पैनल लगवाने पर सब्सिडी दी जाती है, ताकि परिवारों का बिजली बिल कम या शून्य हो सके.
जीरो बिजली बिल का लाभ किसे मिला है?
सरकार के अनुसार अब तक 18.93 लाख से अधिक परिवारों को अपनी बिजली खपत के आधार पर किसी न किसी बिलिंग अवधि में जीरो बिल का फायदा मिला है.
योजना के लिए आवेदन कैसे करें?
इच्छुक उपभोक्ता योजना के राष्ट्रीय पोर्टल पर जाकर अपने बिजली कनेक्शन और राज्य की जानकारी देकर आवेदन कर सकते हैं.
योजना का लाभ किन परिवारों को मिल सकता है?
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के वे सभी आवासीय उपभोक्ता जिनके पास ग्रिड से जुड़ा बिजली कनेक्शन है, इस योजना के लिए पात्र हैं.
अब तक कुल कितने रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं?
22 जुलाई 2026 तक देशभर में 39.72 लाख से ज्यादा रूफटॉप सोलर सिस्टम इंस्टॉल किए जा चुके हैं.





